उत्तराखंड की नींव एक ऐसे स्थायी और स्वदेशी विकास के दृष्टिकोण पर रखी गई थी, जो हिमालय के संवेदनशील पर्यावरणीय संतुलन का सम्मान करे। लेकिन आज, वह दृष्टिकोण कंक्रीट और डामर के नीचे दफन होता जा रहा है। पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के नाम पर, जिस आक्रामकता के साथ राज्य अपने राजमार्ग नेटवर्क...