देहरादून (52 गढ़ समाचार डेस्क): उत्तराखंड में पलायन एक गंभीर समस्या रही है, लेकिन अब पहाड़ का युवा नौकरी मांगने वाले की जगह नौकरी देने वाला बनना चाहता है। राज्य के युवाओं, महिलाओं और प्रवासियों को अपने ही गांव-कस्बे में रोजगार स्थापित करने में मदद करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कई बेहतरीन स्वरोजगार योजनाएं चला रही हैं।
52 गढ़ समाचार की इस खास रिपोर्ट में हम आपको उन प्रमुख योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर आप अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और पहाड़ की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं।
1. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME)
उत्तराखंड में कृषि और बागवानी उत्पादों (जैसे- मंडुवा, झंगोरा, चौलाई, सेब, माल्टा या बुरांश) पर आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। जो लोग खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) जैसे- अचार, जूस, जैम, बेकरी या मसाले बनाने का उद्योग लगाना चाहते हैं, उनके लिए यह केंद्र सरकार की एक शानदार योजना है।
- लाभ: इस योजना के तहत उद्योग लगाने या पुराने उद्योग को बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट लागत का 35% (अधिकतम 10 लाख रुपये तक) की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी दी जाती है।
- DRP की सुविधा (मुफ्त मार्गदर्शन): इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आवेदकों को प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने से लेकर बैंक से लोन पास कराने तक भटकना नहीं पड़ता। सरकार ने हर जिले में DRP (डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन) नियुक्त किए हैं, जो पूरी प्रक्रिया में आपकी निशुल्क मदद करते हैं।
- कहां करें संपर्क: उत्तराखंड में उद्यान विभाग इस योजना का नोडल विभाग है। इसलिए योजना की विस्तृत जानकारी और DRP से संपर्क करने के लिए आप अपने नजदीकी क्षेत्रीय उद्यान संचालन केंद्र या ‘जिला उद्यान अधिकारी’ (DHO) कार्यालय में जा सकते हैं।
2. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (MSY)
यह योजना उन युवाओं और प्रवासियों के लिए वरदान है जो विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा (Service) क्षेत्र में अपना उद्यम शुरू करना चाहते हैं।
- लाभ: विनिर्माण क्षेत्र के लिए 25 लाख रुपये तक और सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।
- सब्सिडी (Margin Money): पहाड़ी जिलों में 25% और मैदानी जिलों में 15% तक की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाती है।
3. वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना
उत्तराखंड की आर्थिकी का मुख्य आधार पर्यटन है। यह योजना पर्यटन से जुड़े रोजगार (जैसे- होमस्टे, होटल, रेस्टोरेंट, टेंट कॉलोनी या टूरिज्म के लिए वाहन खरीदना) स्थापित करने के लिए बनाई गई है।
- लाभ: इस योजना के तहत प्रोजेक्ट लागत का 50% या अधिकतम 15 लाख रुपये (पर्वतीय क्षेत्रों में 33% या अधिकतम 15 लाख) तक की सब्सिडी (State Subsidy) दी जाती है।
4. मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना
यह योजना रोजगार के साथ-साथ राज्य में हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देने के लिए है।
- लाभ: इसके तहत 25 किलोवॉट तक के सोलर पावर प्लांट लगाए जा सकते हैं।
- आय का साधन: आप अपनी बंजर या खाली पड़ी जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली का उत्पादन कर सकते हैं, जिसे यूपीसीएल (UPCL) द्वारा खरीदा जाता है।
5. मुख्यमंत्री नैनो स्वरोजगार योजना
यह योजना उन लोगों के लिए है जो बहुत छोटे स्तर पर अपना काम शुरू करना चाहते हैं, जैसे- फल-सब्जी की दुकान, सिलाई सेंटर, चाय की दुकान या छोटा ढाबा।
- लाभ: छोटे व्यवसाय के लिए 50 हज़ार रुपये तक का ऋण बिना किसी बड़ी गारंटी के आसानी से बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।
- सब्सिडी: इसमें भी सरकार की ओर से अनुदान की व्यवस्था है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग आसानी से अपना काम शुरू कर सके।
6. लखपति दीदी योजना (महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए)
उत्तराखंड की मातृशक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए यह एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। इसका लक्ष्य राज्य की लाखों महिलाओं को 1 लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक की आय वाले वर्ग में लाना है।
- लाभ: महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के जरिए शून्य ब्याज पर ऋण, प्रशिक्षण और उनके उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाता है।
कैसे करें आवेदन?
इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रक्रिया को अब काफी सरल और डिजिटल कर दिया गया है:
- PMFME योजना के लिए: pmfme.mofpi.gov.in पर विजिट करें या अपने ‘क्षेत्रीय उद्यान संचालन केंद्र’ जाएं।
- अन्य राज्य स्तरीय योजनाओं के लिए: उत्तराखंड सरकार के स्वरोजगार पोर्टल (msy.uk.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन करें या अपने जिले के ‘जिला उद्योग केंद्र’ (DIC) तथा ‘पर्यटन विभाग’ से संपर्क करें।
52 गढ़ समाचार की अपील: पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी अब पहाड़ के काम आनी चाहिए। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं, स्वावलंबी बनें और अपने राज्य के विकास में भागीदार बनें। ऐसी ही जन-सरोकार की सटीक जानकारियों के लिए जुड़े रहें 52 गढ़ समाचार के साथ
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