ताजा खबरें

New Recipe

सावधान! कहीं चंद रुपयों के लालच में साइबर ठगों का मोहरा तो नहीं बन रहा आपका बच्चा?

52 गढ़ समाचार। आज की हमारी यह विशेष रिपोर्ट उन सभी अभिभावकों के लिए है जिनके बच्चे स्कूल या कॉलेज में पढ़ते हैं। आज के डिजिटल युग में जहाँ सुविधाएँ बढ़ी हैं, वहीं साइबर अपराधों का जाल भी तेज़ी से फैल रहा है। अब साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका निकाल...

‘डिजिटल इंडिया’ और उत्तराखंड का बफरिंग सच

उत्तराखंड के इन गांवों में आज भी नेटवर्क खोजने के लिए पहाड़ चढ़ना पड़ता है देहरादून: देश में 5G इंटरनेट की धूम है। हम चांद और सूरज तक पहुंच चुके हैं और शहरों में लोग बिना रुके हाई-स्पीड वीडियो देख रहे हैं। लेकिन ‘डिजिटल इंडिया’ के इस चमकते पोस्टर के पीछे एक स्याह अंधेरा भी...

52 गढ़ समाचार विशेष: उत्तराखंड में स्वरोजगार की उड़ान, जानिए सरकार की वो 6 प्रमुख योजनाएं जो बना सकती हैं आपको आत्मनिर्भर

देहरादून (52 गढ़ समाचार डेस्क): उत्तराखंड में पलायन एक गंभीर समस्या रही है, लेकिन अब पहाड़ का युवा नौकरी मांगने वाले की जगह नौकरी देने वाला बनना चाहता है। राज्य के युवाओं, महिलाओं और प्रवासियों को अपने ही गांव-कस्बे में रोजगार स्थापित करने में मदद करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कई बेहतरीन...

आपकी आवाज, आपका समाचार

कैबिनेट मंत्रिमंडल की बैठक आज

Table of Content

कैबिनेट के निर्णय

1.राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद उत्तराखंड में ड्रग फ्री मुहिम और तेज होगी। अभी तक एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स में पुलिस फोर्स से प्रतिनियुक्ति पर कार्मिक लिए जा रहे थे। टॉस्क फोर्स का गठन 2022 में किया गया था। अब इस फोर्स के लिए अलग से ढांचा खड़ा करने की शुरूआत हुई है। इस क्रम में राज्य मुख्यालय में पहली बार 22 पदों का सृजन किया गया है। एक पुलिस उपाधीक्षक, दो ड्रग निरीक्षक, एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, चार मुख्य आरक्षी और आठ आरक्षी, दो आरक्षी चालक समेत कुल 22 पद सृजित किए जाएंगे।

2.राज्य मंत्रिमंडल ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान दिए जाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने सरकार को संस्तुति दी थी। इस आधार पर सरकार ने 589 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को न्यूनतम 18 हजार रूपये वेतन देने का निर्णय लिया है। वन विभाग/वन विकास निगम में कार्यरत दैनिक श्रमिकों की कुल संख्या 893 है, जिसमें से 304 श्रमिकों को पूर्व से ही न्यूनतम वेतनमान का लाभ प्राप्त हो रहा है।

3.राज्य मंत्रिमंडल ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) के अंतर्गत चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सा अधिकारियों और उच्चतर पदों की सेवा-शर्तों के निर्धारण के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस क्रम में उत्तराखण्ड कर्मचारी राज्य बीमा योजना, श्रम चिकित्सा सेवा नियमावली, 2026” को प्रख्यापित किया गया है, जिसके तहत कुल 94 पद होगें। इनमें 76 चिकित्सा अधिकारी, 11 सहायक निदेशक, छह संयुक्त निदेशक और एक अपर निदेशक का पद शामिल है। इससे पहले, ईएसआई के ढांचे में एक सीएमओ और 13 चिकित्सा अधिकारी के पद शामिल थे।

4.मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि वित्तीय वर्ष 2025-26 तक विस्तारित किए जाने के संबंध में भी राज्य मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि को एक वर्ष के लिए 31 मार्च 2026 (वित्तीय वर्ष 2025-26) तक बढ़ाया गया है।

इस क्रम में राज्य सेक्टर के अंतर्गत संचालित “मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि को भी वित्तीय वर्ष 2025-26 (दिनांक 31 मार्च 2026) तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि भविष्य में यदि भारत सरकार के स्तर पर इस योजना की अवधि विस्तारित होती है, तो राज्य में भी इसे विस्तारित माना जाएगा।

5.राज्य मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रारूपण के संबंध में भी निर्णय लिया है। सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशों में यह निर्देशित किया गया है कि कारागार नियमावलियों/मॉडल प्रिजन मैनुअल में प्रयुक्त “आदतन अपराधी (Habitual offenders)” शब्द की परिभाषा संबंधित राज्य विधानमंडलों द्वारा अधिनियमित कानूनों के अनुरूप होनी चाहिए। संशोधन विधेयक को आगामी सत्र में माननीय उत्तराखंड विधान सभा के समक्ष पुनः स्थापित किए जाने की राज्य मंत्रिमंडल ने अनुमोदन प्रदान कर दिया है।

6.कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान उद्योगों को राहत प्रदान किए जाने के उद्देश्य से बोनस संदाय (उत्तराखण्ड संशोधन) विधेयक, 2020 के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया था कि नियोजक के पास आवंटनीय अधिशेष (Allocable Surplus) उपलब्ध होने की स्थिति में ही कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस का भुगतान किया जाएगा।

उक्त विधेयक में किए गए प्रावधानों के संबंध में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा असहमति व्यक्त की गई। साथ ही वर्तमान में कोविड-19 महामारी जैसी परिस्थितियाँ विद्यमान न होने तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित विधेयक को राष्ट्रपति की अनुमति के बिना विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन को उपलब्ध कराए जाने के कारण विधेयक को आगे बढ़ाया जाना संभव नहीं हो पाया। उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत बोनस संदाय (उत्तराखण्ड संशोधन) विधेयक, 2020 को यथास्थिति विधान सभा से वापस लिए जाने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है।

Team 52 Garh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरे अभी अभी

अगर आप उत्तराखंड के किसी गावं से है और अपने गाव की समस्या को प्रदेश सरकार व जनता तक लाना चाहते है तो आप हमारे ग्रुप में जुड़ सकते है,

सम्पादकीय

देहरादून

विचार

सफलता और संघर्ष

©2023. All rights reserved 52 Garh Samachar. Developed & Design By Velametric Global. Contact: 9389394933