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राज्यपाल ने ‘सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस’ पर पूर्व सैनिकों के योगदान को किया याद

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सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, वह अंतिम सांस तक राष्ट्र रक्षक है’- राज्यपाल

 

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने उत्तराखण्ड सब एरिया द्वारा सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस (वेटरन्स डे) के अवसर पर शौर्य स्थल में आयोजित कार्यक्रम में वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर राज्यपाल ने वीर नारियों और भूतपूर्व सैनिकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया और उनकी देश सेवा और समर्पण के लिए उनका आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने उपस्थित भूतपूर्व, सेवारत सैनिकों और वीर नारियों से मुलाकात भी की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने पूरे जीवन भर राष्ट्र सर्वाेपरि के जिस मंत्र को जिया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि एक सैनिक अपनी अंतिम सांस तक सैनिक ही रहता है और वह समाज को अनुशासन, प्रतिबद्धता और एकता का पाठ पढ़ाते हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित ‘वीर नारियों’ का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों और उनके आश्रितों की देखभाल करना हमारा परम कर्तव्य और जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक पूर्व सैनिक के भीतर नेतृत्व क्षमता, समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्य करने का जज्बा समाहित होता है, जो उन्हें समाज के लिए एक आदर्श लीडर बनाता है। वे न केवल सेना में बल्कि नागरिक जीवन में भी अनुशासन और लोक कल्याण की भावना से ओत-प्रोत होकर राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय योगदान दे सकते हैं।

हमारे पूर्व सैनिक प्रदेश में जारी विभिन्न आर्थिक क्रांतियों, जैसे हनी क्रांति, अरोमा क्रांति, मिलेट क्रांति, होमस्टे और स्वयं सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर सकते है l

Team 52 Garh

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