ताजा खबरें

New Recipe

गुटबाजी की बीमारी से ग्रस्त उक्रांद

उत्तराखंड में कभी “जय पहाड़, जय पहाड़ी” के नारे की गूंज राजनीतिक बदलाव की उम्मीद जगाती थी। लेकिन इस नारे को राजनीतिक ताकत देने वाला उत्तराखंड क्रांति दल यानी उक्रांद एक बार फिर अपनी पुरानी बीमारी से जूझता नजर आ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी की बढ़ी सक्रियता से यह उम्मीद जरूर जगी...

तीर्थ या टूरिज्म डेस्टिनेशन? देवभूमि में आस्था के बदलते मायने

बदरीनाथ से केदारनाथ तक—आस्था के बाजार में संस्कृति का नया पैकेज कहते हैं बदरीनाथ में शंख नहीं बजता। अब आप सोचिए, जिस जगह भगवान विष्णु का प्रिय शंख भी शांत रहता है, वहां शायद मौन की क्या  कीमत होगी। किसी ने कभी सोचा होगा कि इतनी ऊंचाई पर, बर्फ से घिरे पहाड़ों के बीच, मंदिर...

मुख्यमंत्री आवास के बैरियर पर रोकी गईं महिला कांग्रेस कार्यकर्ता, भजन-कीर्तन कर जताया विरोध

देहरादून में रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरियर पर रोक दिया। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ‘न्याय की राखी’ बांधने के लिए मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही थीं। पुलिस द्वारा आगे...

आपकी आवाज, आपका समाचार

सहकारी चुनावों की पारदर्शिता पर जोर प्रशिक्षण से मजबूत होगी सहकारी चुनाव प्रक्रिया: हंसा दत्त पांडे

Table of Content

दीप नगर स्थित यूसीएफ सदन सभागार में सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण द्वारा एक दिवसीय निर्वाचन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए 80 की संख्या में अपर जिला सहकारी अधिकारी (ADO) एवं उप जिला सहकारी अधिकारी (ADCO) ने प्रतिभाग कर निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिवयूनयन के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण के अध्यक्ष हंसा दत्त पांडे उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि हंसा दत्त पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारी चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों की कार्यकुशलता एवं निर्णय क्षमता को सुदृढ़ करते हैं। साथ ही उन्होंने प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन से ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया।

अपर निबंधक सहकारिता आनंद शुक्ल ने कहा कि प्रशिक्षण से न केवल ज्ञानवृद्धि होती है, बल्कि पर्यवेक्षण (सुपरविजन) क्षमता भी मजबूत होती है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी एवं दिशा-निर्देशों का प्रभाव आगामी सहकारी चुनावों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होगा।

प्रबंध निदेशक एम.पी. त्रिपाठी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व है, जिसमें विधिक प्रावधानों एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों का समुचित पालन आवश्यक है। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को अद्यतन जानकारी प्रदान कर उनकी जिम्मेदारियों के निर्वहन में दक्षता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।

गौरतलब है कि सहकारी संस्थाओं में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित बनाने में प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इससे कार्यदक्षता में वृद्धि, प्रक्रियागत त्रुटियों में कमी, बेहतर समन्वय एवं संभावित विवादों की रोकथाम संभव होती है। नियमित प्रशिक्षण से सहकारी चुनावों की विश्वसनीयता और जवाबदेही भी सुदृढ़ होती है।

कार्यक्रम के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए ।

Team 52 Garh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरे अभी अभी

अगर आप उत्तराखंड के किसी गावं से है और अपने गाव की समस्या को प्रदेश सरकार व जनता तक लाना चाहते है तो आप हमारे ग्रुप में जुड़ सकते है,

सम्पादकीय

देहरादून

विचार

सफलता और संघर्ष

©2023. All rights reserved 52 Garh Samachar. Developed & Design By Velametric Global. Contact: 9389394933