ताजा खबरें

New Recipe

गुटबाजी की बीमारी से ग्रस्त उक्रांद

उत्तराखंड में कभी “जय पहाड़, जय पहाड़ी” के नारे की गूंज राजनीतिक बदलाव की उम्मीद जगाती थी। लेकिन इस नारे को राजनीतिक ताकत देने वाला उत्तराखंड क्रांति दल यानी उक्रांद एक बार फिर अपनी पुरानी बीमारी से जूझता नजर आ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी की बढ़ी सक्रियता से यह उम्मीद जरूर जगी...

तीर्थ या टूरिज्म डेस्टिनेशन? देवभूमि में आस्था के बदलते मायने

बदरीनाथ से केदारनाथ तक—आस्था के बाजार में संस्कृति का नया पैकेज कहते हैं बदरीनाथ में शंख नहीं बजता। अब आप सोचिए, जिस जगह भगवान विष्णु का प्रिय शंख भी शांत रहता है, वहां शायद मौन की क्या  कीमत होगी। किसी ने कभी सोचा होगा कि इतनी ऊंचाई पर, बर्फ से घिरे पहाड़ों के बीच, मंदिर...

मुख्यमंत्री आवास के बैरियर पर रोकी गईं महिला कांग्रेस कार्यकर्ता, भजन-कीर्तन कर जताया विरोध

देहरादून में रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरियर पर रोक दिया। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ‘न्याय की राखी’ बांधने के लिए मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही थीं। पुलिस द्वारा आगे...

आपकी आवाज, आपका समाचार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में प्रतिभाग किया

Table of Content

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में प्रतिभाग करते हुए पूज्य संत-महात्माओं का अभिनंदन किया तथा आश्रम द्वारा किए जा रहे सेवा, संस्कार एवं समाज जागरण के कार्यों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने संत समाज को भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना का संवाहक बताते हुए कहा कि इतिहास में संतों एवं मनीषियों ने समाज को मार्गदर्शन देने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में संत समाज का योगदान अतुलनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए युग का साक्षी बन रहा है।अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे कार्य भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक अस्मिता, आध्यात्मिक पहचान एवं सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है।

इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता तथा भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है, जहां भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं सभ्यता पर उच्च स्तरीय अध्ययन एवं शोध कार्य किए जाएंगे। हरिद्वार में प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिचेतानन्द महाराज का आभार व्यक्त करते हुए संत समाज से राज्य एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को अवश्य पूर्ण किया जायेगा l

Team 52 Garh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरे अभी अभी

अगर आप उत्तराखंड के किसी गावं से है और अपने गाव की समस्या को प्रदेश सरकार व जनता तक लाना चाहते है तो आप हमारे ग्रुप में जुड़ सकते है,

सम्पादकीय

देहरादून

विचार

सफलता और संघर्ष

©2023. All rights reserved 52 Garh Samachar. Developed & Design By Velametric Global. Contact: 9389394933