ताजा खबरें

New Recipe

सावधान! कहीं चंद रुपयों के लालच में साइबर ठगों का मोहरा तो नहीं बन रहा आपका बच्चा?

52 गढ़ समाचार। आज की हमारी यह विशेष रिपोर्ट उन सभी अभिभावकों के लिए है जिनके बच्चे स्कूल या कॉलेज में पढ़ते हैं। आज के डिजिटल युग में जहाँ सुविधाएँ बढ़ी हैं, वहीं साइबर अपराधों का जाल भी तेज़ी से फैल रहा है। अब साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका निकाल...

‘डिजिटल इंडिया’ और उत्तराखंड का बफरिंग सच

उत्तराखंड के इन गांवों में आज भी नेटवर्क खोजने के लिए पहाड़ चढ़ना पड़ता है देहरादून: देश में 5G इंटरनेट की धूम है। हम चांद और सूरज तक पहुंच चुके हैं और शहरों में लोग बिना रुके हाई-स्पीड वीडियो देख रहे हैं। लेकिन ‘डिजिटल इंडिया’ के इस चमकते पोस्टर के पीछे एक स्याह अंधेरा भी...

52 गढ़ समाचार विशेष: उत्तराखंड में स्वरोजगार की उड़ान, जानिए सरकार की वो 6 प्रमुख योजनाएं जो बना सकती हैं आपको आत्मनिर्भर

देहरादून (52 गढ़ समाचार डेस्क): उत्तराखंड में पलायन एक गंभीर समस्या रही है, लेकिन अब पहाड़ का युवा नौकरी मांगने वाले की जगह नौकरी देने वाला बनना चाहता है। राज्य के युवाओं, महिलाओं और प्रवासियों को अपने ही गांव-कस्बे में रोजगार स्थापित करने में मदद करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कई बेहतरीन...

आपकी आवाज, आपका समाचार

नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023: महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल — कुसुम कंडवाल

Table of Content

उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने शनिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023” के संबंध में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित किया।

कुसुम कंडवाल ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023” भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय है, जो करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रतीक बताते हुए कहा कि आज “नारी शक्ति” केवल एक विचार नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के कारण महिलाओं को ‘नीति की लाभार्थी’ से ‘नीति की निर्माता’ बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत का वास्तविक विकास “महिला नेतृत्व वाले विकास” से ही संभव है और यह अधिनियम उसी विश्वास को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कंडवाल ने कहा कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक प्रभावी योजनाएं संचालित की गई हैं, जिन्होंने महिलाओं के जीवन के हर पहलू को सशक्त किया है।

उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना के अंतर्गत लगभग 68 प्रतिशत ऋण महिलाओं को प्रदान किए गए हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर उद्यमिता की ओर अग्रसर हुई हैं। वहीं, 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से सामाजिक चेतना में सकारात्मक बदलाव आया है और माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं का नामांकन बढ़कर 80.2 प्रतिशत तक पहुंचा है। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 4.6 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जो बेटियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ गैस कनेक्शन, जल जीवन मिशन के अंतर्गत 14.45 करोड़ घरों में नल से जल की उपलब्धता तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण ने महिलाओं के जीवन में गरिमा और सुविधा सुनिश्चित की है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से 4.27 करोड़ से अधिक महिलाओं को पोषण सहायता प्रदान की गई है, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी आई है।

राजनीतिक भागीदारी में बढ़ोतरी का मार्ग प्रशस्त

कंडवाल ने कहा कि सितंबर 2023 में पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं तथा दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में लोकसभा में महिलाओं की संख्या 1952 में 22 से बढ़कर 2024 में 75 हो गई है, किंतु अभी भी अपेक्षित प्रतिनिधित्व प्राप्त करना शेष है। यह अधिनियम उस दिशा में एक ठोस कदम है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक अध्ययनों से यह स्पष्ट है कि महिला नेतृत्व से आर्थिक विकास को गति मिलती है और समावेशी विकास सुनिश्चित होता है। पंचायत स्तर पर 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व से शिक्षा, जल और पोषण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

उत्तराखण्ड की प्रतिबद्धता

कंडवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड न केवल देवभूमि है, बल्कि नारी शक्ति की भी भूमि है। राज्य सरकार एवं महिला आयोग इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं की नेतृत्व में बढ़ती भागीदारी से विकास अधिक संतुलित, समावेशी और टिकाऊ होगा। यह अधिनियम “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अंत में, कंडवाल ने समाज के सभी वर्गों एवं मातृशक्ति से इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन करने का आह्वान किया।

Team 52 Garh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरे अभी अभी

अगर आप उत्तराखंड के किसी गावं से है और अपने गाव की समस्या को प्रदेश सरकार व जनता तक लाना चाहते है तो आप हमारे ग्रुप में जुड़ सकते है,

सम्पादकीय

देहरादून

विचार

सफलता और संघर्ष

©2023. All rights reserved 52 Garh Samachar. Developed & Design By Velametric Global. Contact: 9389394933