देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर बढ़ते सड़क हादसों को रोकने और सफर को सुरक्षित बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 319 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है। वर्ष 2020 में फोरलेन बनने के बाद हाईवे पर वाहनों की रफ्तार तो बढ़ी, लेकिन दुर्घटनाओं (ब्लैक स्पॉट्स) में भी तेजी से इजाफा हुआ, जिसके समाधान के लिए अब यह कदम उठाया गया है।
प्रोजेक्ट के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- कुल बजट: ₹319 करोड़
- अनुमानित समय: लगभग 2.5 वर्ष (ढाई साल)
- प्रमुख निर्माण: 7 नए फ्लाईओवर, 44 किलोमीटर सर्विस लेन और 2 फुट ओवरब्रिज।
7 नए फ्लाईओवर का निर्माण
सड़क सुरक्षा ऑडिट के बाद दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर 7 नए फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया है। ये निम्नलिखित स्थानों पर बनेंगे:
- जाखन पुल (डेंटल कॉलेज के पास)
- जीवनगढ़ (2 फ्लाईओवर)
- मियांवाला (यहाँ से नकरौंदा तक करीब 2.25 किलोमीटर लंबा सबसे बड़ा फ्लाईओवर बनेगा)
- छिद्दरवाला
- रायवाला (2 फ्लाईओवर)
वर्तमान में मियांवाला, जीवनगढ़ और छिद्दरवाला सहित कई जगहों पर निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है।
सर्विस लेन और ओवरब्रिज से स्थानीय लोगों को मिलेगी राहत
परियोजना के तहत हाईवे के दोनों तरफ कुल 44 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात मुख्य हाईवे से अलग रहेगा और जाम या हादसों का खतरा कम होगा। साथ ही, पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए उचित स्थानों का चयन कर दो फुट ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे।
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स
इस खबर के साथ देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे को लेकर भी कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं:
- पुरानी सड़क वन्यजीवों के लिए आरक्षित: डाटकाली से गणेशपुर तक जाने वाली पुरानी सड़क को सामान्य वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। 12 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा है, इसलिए पुरानी सड़क अब वन विभाग को सौंप दी गई है। (अब इस मार्ग पर केवल मोहंड गांव तक ही वाहन जा सकेंगे)।
- स्थानीय लोगों का विरोध: डाटकाली और गणेशपुर क्षेत्र के कुछ स्थानीय लोग एक्सप्रेस-वे के उपयोग के नियमों को लेकर विरोध कर रहे हैं, जिसके कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं।
- मानसून के कारण ट्रैफिक डायवर्जन: डाटकाली के पास एलिवेटेड रोड पर निर्माण कार्य अभी जारी है। बारिश में पहाड़ी से मलबा गिरने के खतरे को देखते हुए, सुरक्षा के लिहाज से ट्रैफिक को फिलहाल एक ही लेन पर डायवर्ट किया गया है।
























