ताजा खबरें

New Recipe

गुटबाजी की बीमारी से ग्रस्त उक्रांद

उत्तराखंड में कभी “जय पहाड़, जय पहाड़ी” के नारे की गूंज राजनीतिक बदलाव की उम्मीद जगाती थी। लेकिन इस नारे को राजनीतिक ताकत देने वाला उत्तराखंड क्रांति दल यानी उक्रांद एक बार फिर अपनी पुरानी बीमारी से जूझता नजर आ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी की बढ़ी सक्रियता से यह उम्मीद जरूर जगी...

तीर्थ या टूरिज्म डेस्टिनेशन? देवभूमि में आस्था के बदलते मायने

बदरीनाथ से केदारनाथ तक—आस्था के बाजार में संस्कृति का नया पैकेज कहते हैं बदरीनाथ में शंख नहीं बजता। अब आप सोचिए, जिस जगह भगवान विष्णु का प्रिय शंख भी शांत रहता है, वहां शायद मौन की क्या  कीमत होगी। किसी ने कभी सोचा होगा कि इतनी ऊंचाई पर, बर्फ से घिरे पहाड़ों के बीच, मंदिर...

मुख्यमंत्री आवास के बैरियर पर रोकी गईं महिला कांग्रेस कार्यकर्ता, भजन-कीर्तन कर जताया विरोध

देहरादून में रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरियर पर रोक दिया। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ‘न्याय की राखी’ बांधने के लिए मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही थीं। पुलिस द्वारा आगे...

आपकी आवाज, आपका समाचार

पूर्व सैनिकों को मिला तोहफा, सीएम ने किया सीएसडी कैंटीन व सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण

Table of Content

मुख्यमंत्री का रोड शो में जनता व जनप्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर उन्होंने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन एवं 162.26 लाख रुपये से निर्मित सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों एवं वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उन्होंने 60 वीर नारियों एवं 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है, क्योंकि यह आयोजन उनके पिताजी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पूर्व का यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन था, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी के विचार, सिद्धांत और संघर्षपूर्ण जीवन आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं और हर कदम पर मार्गदर्शन देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी अपनी वर्दी को अत्यंत सम्मान और सलीके से रखते थे। उनसे उन्हें यह सीख मिली कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी ही उसका सम्मान और जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिताजी ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का मार्ग है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी ने 28 वर्षों तक महार रेजिमेंट में सेवा देते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 व 1971 के भारत-पाक युद्ध तथा ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि बचपन में वे अपने पिताजी से वीर सैनिकों की कहानियां सुनते थे, जिनसे उन्हें देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि भले ही वे स्वयं सेना में नहीं हैं, लेकिन सैनिकों को अपना आदर्श मानते हुए राष्ट्र सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के रक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आज भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री उपलब्ध करा रहा है, जो देश की बढ़ती सामरिक शक्ति का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, शहीदों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। इसके साथ ही वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये किया गया है। इसके अतिरिक्त देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा बलिदानियों के परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी अपने संबोधन में कहा कि सैनिकों का सम्मान करना हम सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी इस दिशा में और प्रयास किए जाएंगे।

 

 

Team 52 Garh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरे अभी अभी

अगर आप उत्तराखंड के किसी गावं से है और अपने गाव की समस्या को प्रदेश सरकार व जनता तक लाना चाहते है तो आप हमारे ग्रुप में जुड़ सकते है,

सम्पादकीय

देहरादून

विचार

सफलता और संघर्ष

©2023. All rights reserved 52 Garh Samachar. Developed & Design By Velametric Global. Contact: 9389394933