ताजा खबरें

New Recipe

गुटबाजी की बीमारी से ग्रस्त उक्रांद

उत्तराखंड में कभी “जय पहाड़, जय पहाड़ी” के नारे की गूंज राजनीतिक बदलाव की उम्मीद जगाती थी। लेकिन इस नारे को राजनीतिक ताकत देने वाला उत्तराखंड क्रांति दल यानी उक्रांद एक बार फिर अपनी पुरानी बीमारी से जूझता नजर आ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी की बढ़ी सक्रियता से यह उम्मीद जरूर जगी...

तीर्थ या टूरिज्म डेस्टिनेशन? देवभूमि में आस्था के बदलते मायने

बदरीनाथ से केदारनाथ तक—आस्था के बाजार में संस्कृति का नया पैकेज कहते हैं बदरीनाथ में शंख नहीं बजता। अब आप सोचिए, जिस जगह भगवान विष्णु का प्रिय शंख भी शांत रहता है, वहां शायद मौन की क्या  कीमत होगी। किसी ने कभी सोचा होगा कि इतनी ऊंचाई पर, बर्फ से घिरे पहाड़ों के बीच, मंदिर...

मुख्यमंत्री आवास के बैरियर पर रोकी गईं महिला कांग्रेस कार्यकर्ता, भजन-कीर्तन कर जताया विरोध

देहरादून में रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरियर पर रोक दिया। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ‘न्याय की राखी’ बांधने के लिए मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही थीं। पुलिस द्वारा आगे...

आपकी आवाज, आपका समाचार

चंपावत गैंगरेप कांड के विरोध में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग

Table of Content

आज कैंट विधानसभा के यमुना कॉलोनी चौक, चकराता रोड पर उत्तराखंड में युवा कांग्रेस नेता रितेश छेत्री के संयोजन में प्रदेश में लगातार बढ़ते महिला अपराधों और चंपावत की शर्मनाक सामूहिक दुष्कर्म की घटना के विरोध में राज्य सरकार का पुतला दहन किया गया।

इस दौरान उत्तराखंड कांग्रेस के युवा नेता रितेश छेत्री एवं मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

रितेश छेत्री ने कहा कि देवभूमि एक बार फिर शर्मसार हुई है।

अंकिता भंडारी को तीन साल बाद भी न्याय नहीं मिला

और अब मुख्यमंत्री की अपनी विधानसभा चंपावत में 16 वर्षीय बेटी के साथ दरिंदगी रूह कंपा देने वाली घटना है।

जब मुख्यमंत्री की अपनी विधानसभा में ही बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं,

तो पूरे प्रदेश की स्थिति क्या होगी?

गरिमा ने कहा कि चंपावत की घटना ने पूरे उत्तराखंड को शर्मसार किया है। सत्ता से जुड़े लोगों के नाम लगातार गंभीर अपराधों में सामने आना बेहद चिंताजनक है।

महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा करने में विफल मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। दसौनी ने सत्ता रूढ़ दल की महिला नेत्रियों जिन्होंने पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध ली है उनसे सवाल किया कि क्या यही है भाजपा का नारी शक्ति वंदन ? और कहां गई बात-बात पर प्रेस वार्ता करने वाली भाजपा की महिला नेत्रियां?

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को “देवभूमि” कहने वाली भाजपा सरकार के राज में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। कांग्रेस पार्टी पीड़िता को न्याय दिलाने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

पुतला दहन के दौरान मुख्यमंत्री इस्तीफा दो,

बहन बेटियों के साथ अत्याचार नहीं सहेंगे के नारे गूंजते रहे।

 

Team 52 Garh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरे अभी अभी

अगर आप उत्तराखंड के किसी गावं से है और अपने गाव की समस्या को प्रदेश सरकार व जनता तक लाना चाहते है तो आप हमारे ग्रुप में जुड़ सकते है,

सम्पादकीय

देहरादून

विचार

सफलता और संघर्ष

©2023. All rights reserved 52 Garh Samachar. Developed & Design By Velametric Global. Contact: 9389394933