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संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति से विपक्ष, प्रदेश का माहौल खराब कर रहा है: बंसल

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भाजपा ने प्रदर्शन में हुई अभद्रता की आलोचना कर जताई, राजनैतिक अराजक तत्वों के हाथों में जाने की आशंका

भाजपा ने दोहराया, ठोस साक्ष्य के आधार पर सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार!

भाजपा ने विपक्ष पर संवेदनशील मुद्दे को लेकर गैरजिम्मेदाराना राजनीति से प्रदेश का माहौल खराब करने का आरोप लगाया हैं।

पार्टी के राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने पुनः स्पष्ट किया कि ठोस साक्ष्यों के आधार पर सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार है। वहीं कल के बैनर फाड़ने और अभद्रता के घटनाक्रम की कड़े शब्दों में आलोचना कर, उन्होंने इंसाफ के नाम पर जारी आंदोलन के राजनैतिक अराजक तत्वों के हाथ में जाने की आशंका व्यक्त की है।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता मर्डर के संवेदनशील मुद्दे पर विभिन्न राजनैतिक दलों और राजनैतिक महत्वकांक्षा वाले लोग गैरजिम्मेदाराना राजनीति कर रहे हैं। अब तक के घटनाक्रम और कल घर में घुसकर हुई तोड़फोड़, बैनर फाड़ने और अभद्रता इस बात का इशारा करती है कि प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने एक बार पुनः कहा, भाजपा सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि हमें सीबीआई या किसी भी अन्य जांच से गुरेज नहीं है। लेकिन ठोस सबूत और तार्किक तथ्य सामने आने ही चाहिए या जो आरोप लगा रहे हैं वो इन्हें जांच एजेंसी के सम्मुख प्रस्तुत करें! चूंकि मामला अपीलीय अदालत में है, वहां भी नए सिरे से जांच करवाने के लिए कोर्ट के सामने इन साक्ष्यों की जरूरत पड़ेगी ही।

उन्होंने प्रश्न उठते हुए कहा कि जिन तमाम बातों को कांग्रेस समेत अन्य पक्ष उठा रहे हैं, उन सब पर न्यायालय में लम्बी चर्चा हुई है। जिसके आधार पर सभी दोषियों को सबसे बड़ी सजा उम्रकैद हुई है। क्योंकि जैसे ही अंकिता मर्डर का दुखद घटनाक्रम सामने आया तो, तत्काल कार्रवाई कर दोषियों को पकड़ा गया।

महिला डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित हुई, जिसने सभी पुख्ता साक्ष्यों को जुटाकर अदालत में प्रस्तुत किया गया। अदालत में जिरह के दौरान भी वीआईपी होने, घटनास्थल से छेड़छाड़ जैसे तमाम विषय आए, जिसपर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसकी संभावना नजर नहीं आती है।

जांच को सीबीआई से कराने के लिए भी लोग सुप्रीम कोर्ट तक गए, लेकिन न्यायालय ने किसी अतिरिक्त जांच से इंकार किया। ऐसे में जब लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने निर्णय दे दिया और अब उसकी अपील उच्च न्यायालय में लंबित है तो क्यों पुनः उन्हीं तथ्यों को उठाया जा रहा है। फिर भी यदि किसी के पास कोई भी प्रामाणिक साक्ष्य या जानकारी हो तो वे इसे जांच एजेंसी या न्यायालय के सामने लाए। उनके सही और पुख्ता होने पर सरकार सभी तरह की जांच कराने को तैयार है।

वहीं उन्होंने इस पूरे मुद्दे पर विपक्ष और कुछ राजनैतिक महत्वकांक्षी लोगों के रवैए को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। आरोप लगाया कि ये सभी इस मुद्दे में अपनी अपनी 2027 चुनावों की संभावनाएं तलाश रहे हैं। ऐसा करने के प्रयास में, वे न केवल प्रदेश की छवि और माहौल खराब कर रहे हैं बल्कि दिवंगत बेटी अंकिता की आत्मा को अपमानित करने का प्रयास बार बार कर रहे हैं। विशेषकर कांग्रेस, बार बार बिना सबूतों और तथ्यों के अलग अलग नामों को उछालकर, सीबीआई जांच की आड़ में ये पाप कर रही है।

कहा, जबकि कांग्रेस द्वारा सीबीआई जांच की मांग की मंशा पूरी तरह संदेहों के घेरे में है। सर्वप्रथम कि वे तो हमेशा सीबीआई पर पक्षपात, दबाव में करने का आरोप लगाते आए हैं, फिर उसी संस्था से जांच की मांग क्यों? कहीं ना कहीं यह अदालत से दोषी पाए गए अपराधियों को बचाने की कोशिश तो नहीं है? क्योंकि सीबीआई जांच होने पर सजायाफ्ताओं को जमानत मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।

वहीं उन्होंने उन तमाम लोगों से सामने आकर सबूत देने की बात कही, जिनके आरोपों पर कांग्रेस राजनीति कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शीघ्र पुलिस उन तक या वे खुद पुलिस तक पहुंच जायेंगे तो स्पष्ट हो जाएगा कि उनके पास कौन से सबूत हैं? जबकि सच यह है कि नकारात्मक राजनीति का कांग्रेस पहले भी प्रयास कर चुके हैं और हर बार जनता की अदालत में उन्होंने मुंह की खानी पड़ी।

इसीलिए कांग्रेस और विपक्ष हताश निराश होकर, एक बार फिर प्रदेश का माहौल खराब करने की फिराक में हैं। जिसका वीभत्स चेहरा कल की देहरादून रैली में स्पष्ट नजर आया, जब एक दूसरे से आगे निकलने में विभिन्न राजनैतिक दलों के लोगों द्वारा अराजकता की गई l

आम जनता के आह्वान पर आयोजित इस रैली में सभी पार्टियों के झंडे और नारेबाजी ने बताया कि ये प्रदर्शन राजनैतिक जमावड़ा बन गया था। उसपर घर में घुसकर तोड़फोड़ और बुजुर्गों के साथ अभद्रता की भाजपा कड़े शब्दों में आलोचना करती है। ऐसा लगता है कि इंसाफ दिलाने के नाम पर शुरू की गई मुहिम पर राजनैतिक दलों के कब्जे की लड़ाई शुरू हो गई है।

उन्होंने कहा, प्रदेश की जनता सब देख समझ रही है कि इस आंदोलन की आड़ में कई लोग 27 के चुनावों के लिए चेहरा चमका रहे हैं। राज्य की जनता तब भी उन्हें सबक सिखाएगी, क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री धामी और भाजपा सरकार पर पूरा भरोसा है।

 

Team 52 Garh

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