ताजा खबरें

New Recipe

गुटबाजी की बीमारी से ग्रस्त उक्रांद

उत्तराखंड में कभी “जय पहाड़, जय पहाड़ी” के नारे की गूंज राजनीतिक बदलाव की उम्मीद जगाती थी। लेकिन इस नारे को राजनीतिक ताकत देने वाला उत्तराखंड क्रांति दल यानी उक्रांद एक बार फिर अपनी पुरानी बीमारी से जूझता नजर आ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी की बढ़ी सक्रियता से यह उम्मीद जरूर जगी...

तीर्थ या टूरिज्म डेस्टिनेशन? देवभूमि में आस्था के बदलते मायने

बदरीनाथ से केदारनाथ तक—आस्था के बाजार में संस्कृति का नया पैकेज कहते हैं बदरीनाथ में शंख नहीं बजता। अब आप सोचिए, जिस जगह भगवान विष्णु का प्रिय शंख भी शांत रहता है, वहां शायद मौन की क्या  कीमत होगी। किसी ने कभी सोचा होगा कि इतनी ऊंचाई पर, बर्फ से घिरे पहाड़ों के बीच, मंदिर...

मुख्यमंत्री आवास के बैरियर पर रोकी गईं महिला कांग्रेस कार्यकर्ता, भजन-कीर्तन कर जताया विरोध

देहरादून में रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरियर पर रोक दिया। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ‘न्याय की राखी’ बांधने के लिए मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही थीं। पुलिस द्वारा आगे...

आपकी आवाज, आपका समाचार

27 जनवरी को राज्यभर में मनाया जाएगा ‘यूसीसी दिवस’ : सीएम धामी

Table of Content

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर है यूसीसी

वन्य मानव संघर्ष पर सरकार सख्त, स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम जारी

 

मानसखंड क्षेत्र में यातायात सुधार के लिए बाईपास और वैकल्पिक मार्गों पर तेज़ी से काम

चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की पूरी तैयारी : मुख्यमंत्री धामी

नैनीताल में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का वादा किया था, जिसे सरकार ने अपने संकल्प के अनुरूप पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार की जनता के प्रति प्रतिबद्धता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड गंगा, यमुना, आदि कैलाश, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसी पवित्र धार्मिक स्थलों की भूमि है, और इसी पावन भूमि से समानता, न्याय और सामाजिक समरसता का संदेश पूरे देश को दिया गया है।

उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 में निहित भावना के अनुरूप समान नागरिक संहिता को लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि 27 जनवरी को राज्य में यूसीसी लागू होने के एक वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, जिसे राज्यभर में “यूसीसी दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद एवं अन्य आयोजन किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यूसीसी महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समानता और सभी नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम साबित हुआ है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन में राज्य की जनता ने सक्रिय सहयोग दिया है तथा विवाह, तलाक, वसीयत एवं अन्य प्रावधानों के अंतर्गत बड़ी संख्या में पंजीकरण कराए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी दिवस मनाने का उद्देश्य यही है कि अधिक से अधिक लोगों को इसके प्रावधानों, लाभों और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी मिले, ताकि समाज में समान अधिकार और न्याय की भावना और अधिक सशक्त हो।

राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वन्य मानव संघर्ष और जंगली जानवरों के हमलों से संबंधित प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष कई क्षेत्रों में वन्य जीवों के कारण ग्रामीण जनता को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में कई बच्चों, युवाओं और ग्रामीणों ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए न केवल अपनी रक्षा की, बल्कि अन्य लोगों की जान भी बचाई।

 

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए ठोस और दीर्घकालिक कदम उठा रही है। वन्य जीव प्रबंधन, सुरक्षा उपायों, त्वरित राहत, मुआवजा व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, ताकि भविष्य में आम नागरिकों को इस प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े।

नैनीताल में यातायात जाम की समस्या के समाधान से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मानसखंड क्षेत्र के अंतर्गत कैंचीधाम सहित कई प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल आते हैं, जहां वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी आवागमन रहता है। इसी कारण यहां यातायात दबाव बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए बाईपास, वैकल्पिक मार्ग, सड़क चौड़ीकरण और पार्किंग जैसी कई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों—दोनों को जाम से राहत मिले और आवागमन सुरक्षित एवं सुगम हो।

आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों से संबंधित प्रश्न पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन—तीनों दृष्टियों से राज्य की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की यात्रा को और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए हर वर्ष की भांति सभी हितधारकों के साथ विस्तृत बैठकें की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष के अनुभवों, सुझावों और फीडबैक के आधार पर इस वर्ष की तैयारियां और भी अधिक प्रभावी एवं बेहतर की जाएंगी। सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन सहित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो |

Team 52 Garh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरे अभी अभी

अगर आप उत्तराखंड के किसी गावं से है और अपने गाव की समस्या को प्रदेश सरकार व जनता तक लाना चाहते है तो आप हमारे ग्रुप में जुड़ सकते है,

सम्पादकीय

देहरादून

विचार

सफलता और संघर्ष

©2023. All rights reserved 52 Garh Samachar. Developed & Design By Velametric Global. Contact: 9389394933