उत्तराखंड में मानसून ने पूरी तरह से जोर पकड़ लिया है। पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। जहां बीते शुक्रवार को देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही और धूप के कारण लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ा, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान और अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र (4 जुलाई 2026 अपडेट) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेशभर में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।
- येलो अलर्ट (भारी बारिश): पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
- पर्वतीय जिले: राज्य के सभी पहाड़ी जिलों में तेज से अति तेज बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।
- मैदानी इलाके: हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में भी कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।
प्रमुख शहरों का तापमान (बीते शुक्रवार के आंकड़े)
शुक्रवार को प्रदेश में ऊधमसिंह नगर सबसे गर्म क्षेत्र रहा। प्रमुख शहरों के तापमान की स्थिति इस प्रकार रही:
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| ऊधमसिंह नगर | 36.7 | 25.0 |
| देहरादून | 34.1 | 24.8 |
| नई टिहरी | 25.8 | 15.1 |
| मुक्तेश्वर | 24.0 | 16.1 |
नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी
खराब मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनमानस और पर्यटकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- नदी-नालों से दूरी: उफान पर बहने वाले बरसाती नदी-नालों के पास बिल्कुल न जाएं।
- अनावश्यक यात्रा से बचें: भूस्खलन की आशंका वाले पहाड़ी मार्गों पर जब तक जरूरी न हो, सफर करने से परहेज करें।
- सुरक्षित स्थान पर रहें: आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास न रुकें। पक्के मकानों में आश्रय लें।
- निर्देशों का पालन: स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे अलर्ट और अपडेट्स का सख्ती से पालन करें।
























